शनिवार, 18 जून 2022

पिरामिड विधा की परिभाषा और उदाहरण


पिरामिड विधा ,परिभाषा, रचना –मात्रा क्रम विधान, प्रकार ::–

वर्ण पिरामिड क्या है?

वर्ण पिरामिड हिंदी साहित्य में एक नया छंद विधान है ।इसके जनक 'सुरेश पाल वर्मा 'जसाला' जी है ।
यह हाइकू विधा की तरह विषम चरणों वाला एक वर्णिक छंद है । इस छंद में सात चरण है ।इसके प्रथम चरण में एक वर्ण ,दूसरे में दो वर्ण ,तीसरे में तीन.......क्रमशः सातवे में साथ वर्ण होते है । जबकि आधे वर्ण नही गिने जाते है । किन्ही दो पदों में तुकांत आने पर रचना सुंदर बन जाती हैं ।

इस विधा में कम शब्दों ही पूरा भाव कहना होता है।अर्थात 'गागर में सागर'
जैसे--
       पिरामिड।देव वन्दना।

1-

हे
देव
दयालु
दयाकर
सद्भावना
भर दे क्लेश में
स्नेह फैले देश में

2-

दे
ईश
प्रेरणा
प्रगाढ़ता
भक्ति प्रवाह
सम्बन्धो में आह
विवेक को सन्मार्ग

3-

दो
ज्ञान
अज्ञान
मिटाकर
समभावना
समृद्धि सत्कर्म
पल्लवित हो धर्म

4-

तू
प्राण
प्रेरित
प्रखरता
उदीप्त दीप
भर हृदय में
निलय का शीप

5-

हूँ
भृत्य
सेवक
अनुचर
हो दया वृष्टि
स्नेह भर मात्र
निर्मम कृपापात्र
               
  वर्ण पिरामिड।परिभाषा।

1

हैं
सात
चरण
वर्णभार
एक दो तीन
वर्ण पिरामिड
क्रमशः दीप्यमान

2

दें
भर
सागर
गागर मे
तुकांत पर
विरल कतारें
सुहागा सोने पर



धनुष पिरामिड या धनुषाकार वर्ण पिरामिड -

           यह विधा वास्तव में  पिरामड विधा ही है,, फर्क यह है कि जब एक वर्ण पिरामिड पूर्ण हो जाता है तथा सातवें चरण में सात वर्ण आते है पुनः क्रमशः एक -एक वर्ण कम होते रहते है,, और अंत मे एक शब्द ही बचता है,,,

धनुष वर्ण पिरामड की आवश्यकता तब होती है जब आप किसी भाव को एक पिरामिड में यथोचित नही पिरो पाते,,,

यह एक वर्ण से सुरु होता है,,अर्थात प्रथम पंक्ति में एक वर्ण ,दूसरे में, दो,,तीसरे में तीन,,,,,,,,,,,,,,,,सातवे में सात,,,,,,फिर, आठवें में भी  ,,7, नौवे में 6 ,दसवे में 5, 11रवे में  4,, 12वे में 3,,,,,13वेन में ,, 2,,,14 वे में 1

कुल चरण-14
कुल वर्ण-28+28==56
इस पिरामिड को 
धनुषाकार या धनुष पिरामड क्यों? 

इस रचना की आकृति धनुष से मिलती जुलती है इसलिए इस पिरामड को धनुष पिरामिड,धनु पिरामिड,,या धनुषाकार पिरामिड भी कहते है,,,


1-

हे
देव
दयालु
दयानिधि
दो वरदान
करुणासागर
मिले मान सम्मान 
जीवन  हो  महान
नवल   बिहान
भक्ति से पूर्ण 
प्रेममय 
पावन 
धन्य
हो 


2-


ये 
धर्म
रक्षक
मानवता 
दिशा निर्देश 
समाज दर्शन 
सत्कर्मो का प्रेरक 
सज्जनता धारक
विभिन्न प्रकार 
जाति से परे
रक्षणीय
शिक्षक
सत्य
का 


कुछ अन्य वर्ण पिरामिड शब्द आधारित 

लॉकडाउन पर वर्ण पिरामिड :–

1-

है
घड़ी
कठिन
छोड़ हठ
लॉकडाउन
देशहित योग
पालन करें लोग

2-

ये
चीनी
घातक
वायरस
पाकर धूप
आतंक का रूप
तोड़ ही देगा दम

  
        गुलाब पर वर्ण पिरामिड:–

1

लो
फूल
गुलाब
समर्पण
प्रेम प्रतीक
हृदय के पास
रखो दृढ़ विश्वास

2

ये
पुष्प
गुलाब
आभाषित
लाल-कपोल
प्रमुदित  रूप
करता आकर्षित

3

है
तुम्हें
गुलाब
समर्पित
प्रेम सुबोध
हृदय सुगन्ध
जीवन का आनन्द

4

हे
प्रिय
प्रणय
निवेदन
साक्ष्य गुलाब
नेह निमन्त्रण
कर लो स्वीकार

5

ये
तेरा
पुष्पित
अधरोष्ठ
प्रेम तृषित
गुलाब सदृश
खींचता प्रिय दृश्य

               


            भोर पर वर्ण पिरामिड :–

(1)

है
भोर
तिमिर
विनाशक
ऊर्जा का स्रोत
सूर्य  दुलारती
करती आगवानी 

(2)

ये
भोर
मुस्काती
सम्हालती
आदित्य रश्मि
ओढ़ती  वसुधा
सहलाती  प्रकृति 

       
              मर्म पर वर्ण पिरामिड:–

1-

है
मर्म
रहस्य
गोपनीय
अन्तःकरण
भाव आवरण
सर्वथा रक्षणीय

2-

हो
मर्म
पावन
सामाजिक
हित निर्माता
सदैव  उचित
कलुषता  रहित 

 
          " माँ "पर वर्ण पिरामिड :–


1

माँ
देवि
ममता
सुख निधि
अमृतमयी
ममता का रूप
नेह की प्रतिमूर्ति

2

है
तुम्हे
प्रणाम
चारोधाम
तेरा चरण
डग मग धूल
मोक्ष मार्ग का मूल

            


डमरू पिरामिड  विधा 


नवयुग निर्माता
कर परित्याग
भौतिक धुरी
मानवता
निर्माण
कर
दो
जग
प्रमाण
समानता
देश प्रहरी
भर अनुराग
नवयुग निर्माता



       देव पर वर्ण पिरामिड :–

1

हे
देव
ईश्वर
निर्माणक
प्रजापालक
सृष्टि के संचालक
असुर संहारक 

2

दो
शक्ति
सन्देश
सदबुद्धि
सृजनकारी
भावनाएँ सुद्ध
मानव हितकारी 

       रचित by   Rqkmish Sultanpuri

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